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एक्ट्रेस जिसे चढ़ा दिया इमरजेंसी की ‘बलि’, खूब दी गईं यातनाएं,8 month खुद के मल-मूत्र में सोने को थी मजबूर, painful दर्दनाक मौत…

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जानिए एक ऐसी एक्ट्रेस की दर्दनाक कहानी, जिसे इमरजेंसी के दौरान ऐसी यातनाएं दी गईं कि इंसानियत भी शरमा जाए। इसे बिना किसी मुकदमे के 8 महीने जेल की काल कोठरी में बंद कर दिया। बताते हैं कि इसे कपड़े उतारकर पीटा जाता था।

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विशेष टॉपिक

  1. कैसे हुई मौत इस एक्ट्रेस ?
  2. 8 month खुद के मल-मूत्र में सोने को थी मजबूर
  3. कौन थी स्नेहलता ?
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एक्ट्रेस जिसे चढ़ा दिया इमरजेंसी की ‘बलि’, खूब दी गईं यातनाएं, खुद के मल-मूत्र में सोने को थी मजबूर, दर्दनाक मौत navbharattimes.indiatimes.com

इमरजेंसी को भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है। 19 महीने रही इमरजेंसी के उस दौर में कई मासूम लोगों ने भी बर्बर तानाशाही के जुल्म सहे। उन्हें जेल में डाल दिया गया और तमाम तरह की यातनाएं दी गईं। एक एक्ट्रेस भी 50 साल पहले लगाई गई उस इमरजेंसी की बलि चढ़ गई थी। इस एक्ट्रेस को जेल में डाल दिया गया और कपड़े उतारकर मारा-पीटा जाता था। हालत ऐसी थी कि जेल की जिस कोठरी में इसे बंद किया गया था, वहां टॉयलेट-बाथरूम कुछ नहीं था। वहीं पर वह टॉयलेट करती और बराबर में सोने को मजबूर थी। ‘संडे सिनेमा’ के स्पेशल सेगमेंट में आपके लिए इसी एक्ट्रेस की दर्दभरी कहानी लेकर आए हैं,जिसे यातनाओं और प्रताड़ना की बेड़ियों ने तार-तार कर दिया था। कहानी जानकर तन-बदन सिहर उठेगा और कलेजा फट पड़ेगा।ये थीं कन्नड़ फिल्मों की जानी-मानी एक्ट्रेस स्नेहलता रेड्डी, जिन्हें करीब 8 महीने तक जेल में कैद रखा गया और खूब यातनाएं दी गईं। इतनी अमानवीय हरकतें की गईं कि जानकर रूह कांप उठे। स्नेहलता रेड्डी भारतीय सिनेमा के इतिहास की इकलौती एक्ट्रेस रहीं, जिन्हें ‘शहीद’ का दर्जा मिला। पर आखिर ऐसा क्या हुआ था कि स्नेहलता रेड्डी को जेल में डाल दिया गया और फिर अपने ही मल-मूत्र में सोने को मजबूर किया गया?

स्नेहलता रेड्डी को दी गईं यातनाएं, कुलदीप नैयर की किताब में जिक्र एक्ट्रेस जिसे चढ़ा दिया इमरजेंसी की ‘बलि’,

स्नेहलता रेड्डी साल 1932 में आंध्र प्रदेश के ईसाई धर्मांतरित परिवार में पैदा हुई थीं। उस वक्त उनका परिवार काफी मुश्किल भरे दौर से गुजर रहा था। ऐसे में स्नेहलता रेड्डी को भी बहुत मुश्किलें झेलनी पड़ीं। एक बार स्नेहलता की बेटी और पोती ने उनके बारे में कई बातें बताई थीं। जेल में स्नेहलता रेड्डी को जो यातनाएं दी गईं, उनका पत्रकार कुलदीप नैयर ने अपनी किताब ‘इमरजेंसी रीटोल्ड’ में भी जिक्र किया है।

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बड़ोदा डायनामाइट केस का आरोप लगा गिरफ्तार कर लिया खूब दी गईं यातनाएं,

स्नेहलता रेड्डी एक एक्ट्रेस ही नहीं, बल्कि प्रोड्यूसर और सामाजिक कार्यकर्ता भी थीं। उन्होंने कन्नड़ के अलावा तेलुगू सिनेमा और थिएटर में भी खूब काम किया था। इमरजेंसी के वक्त स्नेहलता रेड्डी पर बड़ोदा डायनामाइट केस का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया था। यह केस तत्कालीन विपक्ष के नेता जॉर्ज फर्नांडिस के खिलाफ लॉन्च किया गया था, जो उस वक्त कांग्रेस की नजरों में चढ़ चुके थे। चूंकि, स्नेहलता रेड्डी, जॉर्ज फर्नांडिस की मित्र थीं, तो जाहिर है गाज उन पर भी गिरी। बताया जाता है कि जॉर्ज फर्नांडिस को पकड़ने के लिए ही स्नेहलता रेड्डी पर शिकंजा कसा गया। पर यह शिकंजा उनकी जिंदगी को नरक बना गया।

8 महीने जेल में, जहां मल-मूत्र वहीं पर सोती थीं

स्नेहलता रेड्डी को इतने कठोर कारावास की सजा सुनाई गई कि हर कोई सिहर उठा। ‘इमरजेंसी रीटोल्ड’ किताब के मुताबिक, स्नेहलता रेड्डी को जिस जेल की कोठरी में रखा गया था, वह सिर्फ एक ही व्यक्ति के लायक थी। उसमें इतनी जगह भी नहीं थी कि दो आदमी रह पाएं। उसी में स्नेहलता रेड्डी को रहने को मजबूर होना पड़ा। टॉयलेट और नहाने-सोने की भी व्यवस्था नहीं था। टॉयलेट की जगह एक छेद बना रखा था, जहां स्नेहलता रेड्डी टॉयलेट करतीं और उसी के बराबर में फर्श पर सो जाती थीं।

कपड़े उतारकर पीटा जाता था, कोई रहम नहीं आया खुद के मल-मूत्र में सोने को थी मजबूर, दर्दनाक मौत

स्नेहलता रेड्डी 8 महीने तक जेल में रहीं, और इस दौरान उन्हें खूब प्रताड़ित किया गया। बताया जाता है कि स्नेहलता रेड्डी को कई बार कपड़े उतारकर पीटा गया। वह अस्थमा की मरीज थीं, जिसके कारण और हालत खराब थी। पर इसके बावजूद उन पर कोई रहम नहीं किया गया।

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अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने भी सुनी थीं स्नेहलता की चीखें

अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने भी एक बार स्नेहलता रेड्डी के बारे में दर्दनाक बात बताई थी। वो जब जेल में बंद थे, तो उन्होंने बगल की कोठरी से किसी महिला के चीखने और चिल्लाने की आवाजें सुनी थीं। फिर पता चला कि वो आवाजें स्नेहलता रेड्डी की थीं। दरअसल, इमरजेंसी का वही दौर था, जब अटल बिहारी वाजपेयी को उनके भाषणों के कारण जेल में डाल दिया गया था। बाद में लाल कृष्ण आडवाणी को भी किसी मुकदमे के बिना 19 महीने जेल में डाल दिया गया। इन्हीं दोनों के बगल में जेल की वह कोठरी थी, जिसमें स्नेहलता रेड्डी को रखा गया था।

क्यों निशाने पर आई थीं स्नेहलता रेड्डी? बिना मुकदमे जेल में सड़ती रहीं

स्नेहलता रेड्डी ने कवि, गणितज्ञ और डायरेक्टर पट्टाभि राम रेड्डी से शादी की था। दोनों ही समाज सेवक थे और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. राममनोहर लोहिया के फॉलोअर थे। इसलिए उन्होंने कई बार इंदिरा गांधी द्वारा लगाई इमरजेंसी के खिलाफ आवाज उठाई। लेकिन इस आवाज को दबाने की पूरी कोशिश की गई, और जो भी यातनाएं दी जा सकती थीं, वो सब स्नेहलता रेड्डी को दी गईं।

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यातनाएं ऐसी कि इंसानियत भी शरमा जाए

2 मई, 1976 को पुलिस ने स्नेहलता रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया और उन पर कठोर मीसा (आंतरिक सुरक्षा अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्हें जॉर्ज फर्नांडीस के साथ बड़ौदा डायनामाइट मामले में गिरफ्तार किया गया, जबकि चार्जशीट में उनका नाम भी नहीं था। स्नेहलता रेड्डी को बिना किसी मुकदमे के आठ महीने तक बैंगलोर सेंट्रल जेल में रखा गया। यहां उन्हें रोजाना यातनाएं दी गईं। ऐसी-ऐसी हालत कर दी गई कि इंसानियत भी शरमा जाए।

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दो बार कोमा में चली गई थीं स्नेहलता, रिहाई के 5 दिन बाद दर्दनाक मौत

स्नेहलता रेड्डी को क्रोनिक अस्थमा था, इसके बावजूद उन्हें उपचार नहीं मिला। इसके कारण दो बार ऐसी स्थिति आई, जब वह कोमा में चली गईं। जेल की काल कोठरी में अकेले बंद किए जाने के कारण स्नेहलता की हालत बदतर होती जा रही थी। दिन-रात वह बीमारी और यातनाओं की मार के बीच उस कोठरी में सड़ रही थीं। आखिरकार फिर साल 1977 में स्नेहलता रेड्डी को जेल से रिहा कर दिया गया। पर रिहाई के पांच दिन बाद ही उनकी मौत हो गई।

डायरी में स्नेहलता रेड्डी ने लिखा था ये सब

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जेल में रहने के दौरान स्नेहलता रेड्डी ने एक डायरी लिखी थी, जिसे कर्नाटक मानवाधिकार समिति ने 1977 में ‘ए प्रिजन डायरी’ के नाम से प्रकाशित किया था। बाद में इसी के आधार पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई थी। उसमें एक पेज पर स्नेहलता ने लिखा था- जैसे ही कोई महिला अंदर आती है, उसे सबके सामने नंगा कर दिया जाता है। जब किसी इंसान को सजा दी जाती है, तो उसे पर्याप्त सजा मिल जाती है। क्या इंसान के शरीर को भी अपमानित और बेइज्जत किया जाना चाहिए? इन घटिया और विकृत तरीकों के लिए कौन जिम्मेदार है?’ इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्नेहलता रेड्डी के साथ जेल की चार दीवारी में किस तरह की बर्बरता की गई होगी.

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