एक मजदूर लग्जरी रूम के अंदर बेहोश पड़ा हुआ था। जैसे ही उसकी आंख खुलती है तो उसे पता चलता है कि रूम तो बहुत ही ज्यादा आलीशान है। ऐसा रूम जो कि उसने अपनी पूरी जिंदगी में नहीं देखा था और तभी उसे एक शॉकिंग चीज दिखती है। जहां लड़कियां उसके आसपास सोफे पर बैठी हुई थी। उनके ऊपर एक भी कपड़ा नहीं था। यह चीज देखते ही वो मजदूर बहुत ज्यादा शॉक हो जाता है।
आंखें खोलते टाइम उसे पता भी नहीं चल पा रहा था कि उसके साथ हुआ क्या है
और धीरे-धीरे वो चारों लड़कियां उसके पास आना शुरू कर देती हैं और यह रात बीतने के बाद पूरे मीडिया के अंदर यह बात ट्रेंड हो जाती है। लोग सोचने लग जाते हैं कि आखिरकार उस मजदूर के साथ उन चार लड़कियों ने क्या किया और इसी गु्थी को हम आज इस क्राइम स्टोरी के बीच सुलझाने वाले हैं। वेलकम बैक गाइस। मेरा नाम है करन और आप देख रहे हैं डार्क वाइज। इस कहानी की शुरुआत 21 नवंबर 2022 को जालंधर के कपूरथला रोड से शुरू होती है। एक ₹12,000 कमाने वाला मजदूर इस रोड से गुजर रहा था। अभी-अभी चमड़ा फैक्ट्री से उसकी शिफ्ट खत्म हुई थी। शिफ्ट खत्म करने के बाद वह थक्का हारा आदमी अपने घर वापस जाता हुआ यह सोच रहा था कि आगे वह अपनी फैमिली का ध्यान कैसे रखेगा और कोई ऐसा तरीका जिसके साथ वह थोड़े ज्यादा पैसे कमा सके। इन्हीं टेंशनों के बीच उसके पास एक वाइट कलर की सेडान खड़ी होती है। इस सेडान के चारों मिरर ब्लैक थे। अंदर दिख नहीं रहा था कि इसके अंदर है कौन। जैसे ही वह कार उस मजदूर के पास खड़ी होती है जिसके अंदर से एक लड़की पर्ची बाहर निकालती है। वो उस मजदूर को दिखाती है कि भैया हमें इस एड्रेस पर जाना है। प्लीज हमारी हेल्प कर दो। पर्ची देखते ही वह इंसान बोलता है कि मैं तो बहुत ज्यादा अनपढ़ हूं। मैं नहीं पढ़ सकता कि आखिरकार यह एड्रेस है कहां का? यह बात बोलने के बाद वह कहता है कि आप किसी और इंसान से इस एड्रेस के बारे में पूछ लीजिए। शाम के लगभग 7:00 बजे जब वह यह एड्रेस बता रहा था, दूसरे मिरर से एक लड़की बोतल बाहर निकालती है। उस बोतल से वाइट कलर की ठंडी-ठंडी चीज इस मजदूर के मुंह पर फेंकी जाती है। एक ऐसी स्प्रे जो मुंह पर पड़ते ही वो मजदूर बेहोश हो जाता है।
गाड़ी के अंदर से चार लड़कियां बाहर आती हैं।
यह चारों लड़कियां देखने में बहुत ही ज्यादा अमीर फैमिली से लग रही थी। यह चारों बाहर निकली। इन्होंने उस मजदूर के हाथ पैर बांधे। हाथ पैर बांधने के बाद वह उसको अपनी गाड़ी में डाल लेती हैं और अपने एक ऐसे घर में ले जाती हैं जहां पर उन चारों के अलावा और कोई भी इंसान नहीं था। उसके हाथ पैर खोलने के बाद मजदूर को एक लग्जरी रूम के अंदर ले जाया जाता है। वहां जाने के बाद उसे बेड पर लेटा दिया गया और दूसरी साइड जो चारों लड़कियां थी पीनी शुरू कर देती हैं। धीरे-धीरे उन्होंने अपने कपड़े उतारने भी शुरू कर दिए थे। ऐसा लग रहा था कि वो चारों लड़कियां जानती हैं कि जो भी स्प्रे उन्होंने की है वह कितने टाइम तक उस मजदूर के ऊपर अपना असर छोड़ेगी। रात के करीब 9:00 बजे उस मजदूर की आंखें खुलती हैं और जैसे ही उसकी आंखें खुली, उसने देखा कि कितना ज्यादा यह बड़ा लग्जरी रूम है। बड़ा सा सोफा, बड़ा सा बेड और बाकी सारी आलीशान चीजें जैसी कि उस मजदूर ने अपनी पूरी जिंदगी में नहीं देखी थी। और तभी उसका फेस लेफ्ट साइड को मूव करता है। जैसे ही उसने मूव किया तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गई क्योंकि वहां पर चार लड़कियां बिना कप पहने बैठी हुई थी। देखने में ऐसा लग रहा था कि वह चारों अभी के अभी उस मजदूर को खा जाएंगी। इसी के बाद उन चारों में बातचीत होती है और वन बाय वन वो मजदूर के पास आना शुरू कर देती हैं। ऐसा लग रहा था कि मानो उनके बीच कोई शर्त लगी है कि कितने टाइम तक मजदूर के साथ कोई यह काम कर पाएगा। जैसे ही पहली लड़की मजदूर के पास आती है, उसके हाथ में एक पानी का गिलास और कुछ टेबलेट्स थी। वह धक्के से वह सारी टेबलेट्स मजदूर के मुंह में डालती है और पानी डाल देती है। मजदूर के समझ नहीं आई कि आखिरकार यह टेबलेट्स है किस चीज की। जैसे ही वह टेबलेट्स को अंदर लेता है तो अगले 15-20 मिनट के अंदर उन टेबलेट्स ने अपना काम करना शुरू कर दिया था। दरअसल यह सारी गोलियां शक्तिवर्धक थी। जिसको लेते ही उस मजदूर के शरीर के अंदर खुश होना शुरू हो जाता है। जिसके बाद वन बाय वन वह चारों खूबसूरत लड़कियां उसके पास आना शुरू करती हैं। पहली लड़की उसके पास आई और उसके साथ यह सारे काम किए। धीरे-धीरे दूसरी लड़की और उसके बाद तीसरी लड़की। फोर्थ लड़की के आज तक वो मजदूर बहुत ही ज्यादा कमजोर हो चुका था। पर फिर भी उन सारी लड़कियों के मन के अंदर कोई भी दया इस मजदूर के लिए नहीं थी। वो रोता है पर कोई भी आवाज उसकी नहीं सुनता और ऐसे ही
यह सिलसिला 9:00 बजे से 12:00 बजे तक चलता रहता है।
थोड़ी देर रेस्ट की जाती है। इसके बीच वो लड़कियां पीती हैं, बातें करती हैं और खाना खाने के बाद फिर से मजदूर के पास पहुंच जाती हैं। उस मजदूर को ऐसे यूज़ किया गया जैसे कि कोई डोल हो। वो ऑलमोस्ट कमजोरी के कारण फिर से बेहोश होने वाला था। तभी रात के लगभग 3:00 बजे इन चारों लड़कियों ने डिसीजन लिया कि अभी इस मजदूर को उन्हें वापस छोड़ना होगा। जैसे वह उस मजदूर को लाई थी उसे रस्सी बांधने के बाद बेहोश करने के बाद गाड़ी में डाला जाता है। गाड़ी में डालने के बाद वहीं कपूरथला रोड के आसपास उस मजदूर को छोड़ दिया गया। अब सुबह के 9:00 बज जाते हैं। मजदूर को होश आई और उसके दिमाग में वो सारी बातें चलने लगी जो भी उसके साथ कल रात हुआ था। उसे लगा उसके साथ बहुत ज्यादा जबरदस्ती की गई। शायद उसे इस चीज की कंप्लेंट करनी चाहिए। यह बातें सोचता हुआ वो मजदूर पैदल चलता हुआ जालंधर के एक लोकल पुलिस स्टेशन में पहुंच जाता है। जैसे ही वह मजदूर पुलिस स्टेशन के गेट से अंदर एंटर करता है। उसके दिमाग में चीजें आई कि वो लड़कियां तो बहुत अमीर घर से थी। अगर वो उनके खिलाफ कंप्लेंट करेगा भी तो उसकी बात नहीं सुनी जाएगी। और दूसरी साइड उसे यह भी डर था कि अगर उसने कंप्लेंट की तो शायद उसकी मददानगी के ऊपर सवाल उठेंगे। लोग समाज के अंदर उसके बारे में गलत चीजें सोचेंगे और फिर वही चीजें सोचता हुआ यह मजदूर वहां से चला जाता है। पुलिस स्टेशन से बाहर आने के बाद वो तुरंत अपने घर पहुंचा। गरीब परिवार का घर, एक कमरा और घर के अंदर मां-बाप। उसने अपने फादर को बताया कि कल रात उसके साथ क्या हुआ था। यह बात सुनते ही उसकी फैमिली जल्द ही एक्शन में आ जाती है।
वह सभी लोग पुलिस स्टेशन पहुंचे
। उन्होंने पुलिस को बताया एक वाइड सेडान कार इस मजदूर के पास पहुंचती है और बाद में यह सारा कुछ उसके साथ हो जाता है। पुलिस भी हैरान थी क्योंकि इससे पहले अपनी पूरी जिंदगी के बीच पुलिस वालों ने भी ऐसा कोई भी केस नहीं सुना था और जिस बात का डर था वही हुई। पुलिस वाले इस केस को दर्ज नहीं करते। इसके बाद यह सारी फैमिली मीडिया के पास जाती है। इंटरव्यूज होती हैं, जैसे ही यह न्यूज़ वायरल होती है, तो पुलिस को भी एक्शन लेना पड़ता है। क्योंकि एक ऐसा अजीब सा केस जो कि पूरे जालंधर क्या पूरे पंजाब के अंदर किसी ने भी नहीं सुना था। जैसे ही केस वायरल हुआ, लोगों के द्वारा तरह-तरह की बातें की जाने लगी और उसी टाइम से पुलिस तलाश करनी शुरू कर देती है कि आखिरकार वो चार लड़कियां थी कौन और उनकी गाड़ी थी कौन सी और मजदूर को किस जगह पर बांधकर ले जाया गया था। लेकिन आज 3 साल बीतने के बाद भी पुलिस उन चार लड़कियों को नहीं ढूंढ पाई। मजदूर भी नहीं जानता कि उस गाड़ी का नंबर था क्या? और दूसरी साइड वो सुनसान एरिया था। कोई भी सीसीटीवी कैमरा ना होने के कारण कोई भी इंफॉर्मेशन वहां से नहीं मिलती और दूसरी साइड जैसे ही उस मजदूर को वहां से भेजा गया था वो बेहोश था जिसके कारण वो रास्ता या घर को नहीं देख पाया और आज भी यह केस की बुद्धि ऐसे की ऐसे ही बंद पड़ी है। अब दोस्तों आपको क्या लगता है कि जो लड़कियों ने उस मजदूर के साथ किया उनकी मेंटालिटी थी क्या? वो अमीर घर की लड़कियां अगर चाहती तो कोई अच्छा सा बॉयफ्रेंड बनाने के बाद उसके साथ सब कुछ कर सकती थी। पर उन्होंने क्यों 12,000 कमाने वाले एक मजदूर को उस रात के लिए चूज़ किया। आपको क्या लगता है उस मजदूर को क्या इंसाफ मिलना चाहिए? कमेंट जरूर कर देना और ऐसी वीडियोस के लिए सब्सक्राइब कर लेना आपके अपने चैनल डार्क बॉयज
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