120 बहादुर मूवी रिव्यू: देशभक्ति, जज़्बात और एक्शन का दमदार संगम
भारत में देशभक्ति और बलिदान की कहानियों पर आधारित फिल्मों की एक खास पहचान रही है। ऐसी ही एक फिल्म है “120 बहादुर”, जो सैनिकों की वीरता, त्याग और अडिग हौसले का दिल छू लेने वाला चित्रण पेश करती है। यह फिल्म सिर्फ एक युद्ध-कथा नहीं है, बल्कि भारतीय सेना के असली जज़्बे को बड़े परदे पर जीवंत करती है।
अगर आप देशभक्ति से भरी फिल्मों के शौकीन हैं, तो यह फिल्म आपके दिल पर ज़रूर छाप छोड़ जाएगी।imdv.com
⭐ कहानी (Story Review)
फिल्म की कहानी 120 बहादुर भारतीय सैनिकों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें देश की सीमाओं की रक्षा के लिए एक बेहद खतरनाक और चुनौतीपूर्ण मिशन पर भेजा जाता है। यह मिशन सिर्फ दुश्मनों से लड़ने का नहीं होता, बल्कि प्रकृति की कठिनाइयों, सीमित संसाधनों और जीवन-मृत्यु के जोखिमों से भी जूझना होता है।
कहानी का सबसे मजबूत पक्ष है—मानवीय भावनाओं का गहरा दर्द और सैनिकों के बीच की दोस्ती।
फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे ये 120 जवान अपने परिवार को, अपनी खुशियों को और अपनी निजी ज़िंदगी को पीछे छोड़कर देश की रक्षा के लिए हर पल तैयार रहते हैं।
फिल्म का क्लाइमैक्स बेहद इमोशनल है और दर्शकों के मन में गर्व और सम्मान की भावनाएँ जगाता है।
⭐ एक्टिंग (Performance Review)
फिल्म में सभी कलाकारों की एक्टिंग शानदार है, लेकिन मुख्य अभिनेता ने एक सेना अधिकारी के किरदार को जिस गंभीरता और गहराई से निभाया है, वह दिल जीत लेता है।
- लीड हीरो का दमदार प्रदर्शन
उनकी आँखों में दिखता दर्द, चेहरे पर जिम्मेदारी का भार, और देश के लिए कुछ भी कर गुज़रने की हिम्मत—सब कुछ बेहद वास्तविक लगता है। - सपोर्टिंग कास्ट
बाकी सैनिकों का किरदार निभाने वाले कलाकारों ने भी पूरी मेहनत से अपने रोल किए हैं। उनकी दोस्ती, हास्य और भावनात्मक पल फिल्म को और भी वास्तविक बनाते हैं।
फिल्म की एक्टिंग इस बात का एहसास कराती है कि यह कहानी सिर्फ पर्दे पर नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी में भी हर दिन घटती है।
⭐ निर्देशन (Direction Review)
फिल्म के निर्देशक ने इस विषय की गंभीरता को बड़े ही संतुलित तरीके से संभाला है।
फ़िल्म में:
- वास्तविक लोकेशनों का उपयोग
- युद्ध के दौरान की रणनीति
- सैनिकों की मनोवैज्ञानिक स्थिति
इन सब का दमदार चित्रण किया गया है।
निर्देशक ने यह सुनिश्चित किया कि फिल्म न तो अधिक नाटकीय लगे और न ही बोरिंग। हर दृश्य में तनाव और रोमांच महसूस होता है।
⭐ सिनेमाटोग्राफी और विजुअल्स (Visuals & Cinematography)
फिल्म की सिनेमाटोग्राफी बेहद प्रभावशाली है। पहाड़ी इलाकों, बर्फीली चोटियों और युद्ध के माहौल को जिस खूबसूरती और वास्तविकता के साथ कैमरे में कैद किया गया है, वह दर्शक को स्क्रीन से बाँधे रखता है।
एक्शन सीन्स में कैमरा वर्क काफी शानदार है और हर गोली, हर धमाके का असर दर्शक महसूस कर पाता है।
⭐ म्यूज़िक और बैकग्राउंड स्कोर (Music Review)
फिल्म का संगीत इसकी जान है।
- बैकग्राउंड स्कोर युद्ध के दृश्यों में रोमांच बढ़ा देता है।
- देशभक्ति गीत बहुत ही दिल छू लेने वाले हैं, खासकर क्लाइमैक्स में बजने वाला गाना।
म्यूज़िक दर्शकों पर भावनात्मक प्रभाव डालने में पूरी तरह सफल है।
⭐ फिल्म का संदेश (Message)
फिल्म सिर्फ एक एंटरटेनमेंट पीस नहीं है। इसमें एक गहरा संदेश छिपा है—
“हमारी आज़ादी के पीछे अनगिनत सैनिकों का बलिदान छिपा है, जिनकी कीमत शब्दों में नहीं चुकाई जा सकती।”
फिल्म हमें यह एहसास कराती है कि सैनिक सिर्फ लड़ते नहीं, बल्कि हर दिन अपने परिवार से दूरी, खतरों, और अनिश्चितता से जूझते हैं। वे हमारे देश की सुरक्षा के लिए अपने सपनों तक का बलिदान करते हैं।
⭐ फिल्म की कमियाँ (Drawbacks)
कोई भी फिल्म परफेक्ट नहीं होती। “120 बहादुर” में भी कुछ छोटी कमियाँ हैं—
- कुछ जगहों पर कहानी थोड़ी धीमी महसूस होती है।
- कुछ सब-प्लॉट्स पर और ध्यान दिया जा सकता था।
- कुछ एक्शन सीन्स में VFX थोड़े कमजोर लगते हैं।
लेकिन ये कमियाँ फिल्म के प्रभाव को कम नहीं करतीं।
⭐ अंतिम फैसला (Final Verdict)
“120 बहादुर” एक भावनात्मक, प्रेरणादायक और दिल को छू लेने वाली फिल्म है।
आप चाहे देशभक्ति फिल्मों के फैन हों या एक्शन-ड्रामा पसंद करते हों—यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी।
रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐☆ (4/5)
फिल्म देखने लायक है और ज़रूर एक बार थिएटर में अनुभव करनी चाहिए।
आप क्या सोचते हैं?
क्या आपने “120 बहादुर” देखी? आपको कैसी लगी?
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