🌟 धनतेरस क्या है?
धनतेरस हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्यौहार है जो दीपावली (Diwali) के उत्सव की शुरुआत करता है। इसे “धनत्रयोदशी” भी कहा जाता है, क्योंकि यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है।
“धन” का अर्थ है समृद्धि और संपत्ति, जबकि “तेरस” का अर्थ है त्रयोदशी तिथि।
इस दिन भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है ताकि घर में स्वास्थ्य, संपत्ति और सौभाग्य का वास हो।
🕉️ धनतेरस 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
धनतेरस 2025 में 20 अक्टूबर (सोमवार) को मनाया जाएगा।
इस दिन पूजा और खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
- धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 6:45 बजे से 8:30 बजे तक
- त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 19 अक्टूबर, रात 10:25 बजे
- त्रयोदशी तिथि समाप्त: 20 अक्टूबर, रात 8:10 बजे
इस शुभ समय में खरीदारी और पूजा करने से धन की वृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
💰 धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
धनतेरस पर कुछ विशेष वस्तुएं खरीदने की परंपरा है, क्योंकि माना जाता है कि यह वस्तुएं घर में धन और समृद्धि लाती हैं।
यहाँ कुछ शुभ चीज़ें दी गई हैं जिन्हें धनतेरस पर खरीदना अत्यंत लाभकारी माना जाता है:
- सोना या चांदी:
सोने या चांदी के सिक्के, आभूषण या बर्तन खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। यह लक्ष्मी माता की कृपा को आकर्षित करता है। - बर्तन (Utensils):
नए बर्तन खरीदना भी धन वृद्धि का प्रतीक है। ध्यान रखें कि इन्हें खाली घर में न लाएं — इनमें कुछ मिठाई या चावल जरूर रखें। - झाड़ू (Broom):
झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदने से घर में दरिद्रता दूर होती है। - लक्ष्मी-गणेश मूर्ति:
धनतेरस के दिन नई मूर्तियाँ खरीदकर दीपावली की रात पूजन करना शुभ फलदायी होता है। - इलेक्ट्रॉनिक या वाहन:
आधुनिक समय में लोग धनतेरस के दिन नई गाड़ियाँ, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं या मोबाइल भी खरीदते हैं — यह भी शुभ माना जाता है।
🙏 धनतेरस पूजा विधि (Dhanteras Puja Vidhi in Hindi)
धनतेरस की पूजा विधि बहुत सरल है, लेकिन इसे सही ढंग से करने से अत्यधिक लाभ मिलता है।
पूजा के चरण इस प्रकार हैं:
- घर की सफाई और सजावट करें।
- दरवाजे पर मंगल दीप जलाएं और रंगोली बनाएं।
- पूजन स्थान पर लक्ष्मी, गणेश और धन्वंतरि भगवान की मूर्ति रखें।
- गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
- दीपक, फूल, मिठाई, धूप और नैवेद्य अर्पित करें।
- “ॐ धन्वंतरये नमः” मंत्र का जाप करें।
- अंत में आरती करें और परिवार के साथ प्रसाद बांटें।jagran.com
🌿 धनतेरस का धार्मिक महत्व
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए यह दिन स्वास्थ्य और आयु वृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
इसके अलावा, यह भी कहा जाता है कि इसी दिन यमराज के पूजन से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
इसलिए इस दिन दीपदान कर यमराज की पूजा करने की परंपरा है।
🪙 धनतेरस पर धन आकर्षित करने के उपाय (Dhan Akarshan Ke Upay)
अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में साल भर धन और सौभाग्य का वास रहे, तो धनतेरस पर ये छोटे-छोटे उपाय करें:
- मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं।
- दीपक में तिल का तेल डालकर घर के हर कोने में जलाएं।
- गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं।
- लक्ष्मी जी की मूर्ति पर कमल का फूल चढ़ाएं।
- रात में 11 कौड़ियाँ या 7 सिक्के लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें।
इन उपायों से घर में धन का प्रवाह बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
🧧 धनतेरस पर क्या न करें?
- इस दिन कर्ज न लें या किसी को पैसा उधार न दें।
- काले रंग की चीजें खरीदने से बचें।
- रात में झाड़ू न लगाएं, इससे लक्ष्मी का अपमान होता है।
- कड़वे शब्दों और झगड़े से दूर रहें।
🎇 धनतेरस का सामाजिक और आर्थिक महत्व
धनतेरस सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
इस दिन बाजारों में रौनक होती है — ज्वेलरी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और गृह सज्जा की वस्तुओं की बिक्री चरम पर रहती है।
यह त्यौहार भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला भी माना जाता है।
🌸 निष्कर्ष (Conclusion)
धनतेरस केवल धन की पूजा का दिन नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, सौभाग्य और समृद्धि की कामना का प्रतीक है।
यदि आप श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करते हैं, तो यह त्यौहार आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक प्रगति लेकर आता है।
इस धनतेरस, अपने घर को रोशनी, खुशियों और लक्ष्मी कृपा से भर दें।
शुभ धनतेरस! 🪔

