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🌟 25 लाख दीयों से जगमगाएगी काशी: देव दीपावली पर होगा 3D मैपिंग, लेजर शो और दिव्य आरती का अद्भुत नजारा

वाराणसी — जिसे “मोक्ष की नगरी”, “प्रकाश की नगरी” और “शिव की नगरी” कहा जाता है — एक बार फिर देव दीपावली पर जगमगाने वाली है। इस बार काशी के घाटों पर 25 लाख दीये जलाकर इतिहास रचने की तैयारी की जा रही है। देव दीपावली 2025 को इस बार और भी खास बनाने के लिए प्रशासन और स्थानीय जनता ने मिलकर भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें 3D मैपिंग शो, लेजर लाइट्स और दिव्य गंगा आरती का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

🪔 देव दीपावली क्या है?

देव दीपावली, जिसे “देवों की दीपावली” कहा जाता है, हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी दिन देवता स्वयं काशी में गंगा स्नान करने आते हैं। इसलिए इस दिन काशी में लाखों दीपक जलाकर देवताओं का स्वागत किया जाता है।

कहा जाता है कि त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध भगवान शिव ने इसी दिन किया था, और देवताओं ने इस अवसर पर काशी को दीपों से सजाया था। तब से यह परंपरा निरंतर चलती आ रही है।

🌊 गंगा घाटों पर दिव्यता का अद्भुत नजारा

वाराणसी के करीब 84 घाटों पर इस बार दीयों की पंक्तियाँ दूर-दूर तक फैली होंगी। जब 25 लाख दीपक एक साथ जलेंगे, तो ऐसा लगेगा मानो पूरा गंगा तट स्वर्ग में बदल गया हो।

💡 3D मैपिंग और लेजर शो: परंपरा के संग तकनीक का संगम

इस साल देव दीपावली को और भी भव्य बनाने के लिए प्रशासन ने 3D मैपिंग और लेजर शो की तैयारी की है।

यह शो पर्यटकों को आधुनिकता और परंपरा का एक साथ अनुभव कराएगा।

🕉️ दिव्य गंगा आरती: आत्मा को स्पर्श करने वाला अनुभव

काशी की पहचान गंगा आरती से है — और देव दीपावली की आरती तो उसका सबसे भव्य रूप होती है।

देव दीपावली की गंगा आरती केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव है जो आत्मा को शांति से भर देता है।

🚢 क्रूज़ और नौका विहार का आकर्षण

देव दीपावली के दौरान प्रशासन द्वारा विशेष गंगा क्रूज़ सेवाएँ चलाई जाती हैं।

इस बार स्मार्ट लाइटिंग, LED डेकोरेशन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष तैयारी की है।

🌸 सांस्कृतिक कार्यक्रम और काशी की रौनक

देव दीपावली केवल दीयों का त्यौहार नहीं, बल्कि काशी की संस्कृति का उत्सव है।

🧘‍♂️ पर्यटकों के लिए खास आकर्षण

हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु और पर्यटक देश-विदेश से काशी पहुंचेंगे।

🏛️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देव दीपावली को “भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक” बताया है। उन्होंने कहा कि काशी की यह परंपरा दुनिया को यह संदेश देती है कि आस्था और आधुनिकता एक साथ चल सकती हैं

देव दीपावली न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह भारतीय सभ्यता, एकता और शांति का प्रतीक है।

🌍 देव दीपावली का वैश्विक संदेश

आज जब पूरी दुनिया पर्यावरण और ऊर्जा संकट से जूझ रही है, तब दीयों की रोशनी हमें सिखाती है कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना कितना जरूरी है।
देव दीपावली का यह पर्व हमें याद दिलाता है कि प्रकाश केवल बाहरी नहीं, बल्कि आत्मा के भीतर का भी होता है

🔔 निष्कर्ष

काशी की देव दीपावली केवल एक उत्सव नहीं — यह भक्ति, संस्कृति और आत्मा का संगम है।
जब 25 लाख दीये एक साथ जलेंगे, तो ऐसा लगेगा जैसे धरती पर स्वर्ग उतर आया हो
अगर आपने अभी तक देव दीपावली को काशी में प्रत्यक्ष नहीं देखा, तो इस साल का मौका हाथ से न जाने दें।

क्योंकि यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि “जीवन में प्रकाश लाने वाला अनुभव” है।

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